ये इश्क नहीं आसां बस इतना समझ लीजिए.....
कहने को तो कहते हैं, हम तोङ के लायेंगे, इन चांद सितारों को, भर देंगे दामन हम, जों मोतियों की बारिश हो। पत्थर को तराशेंगे, नाखूनों से अपने, जब तक न बन जाए, मूरत मेरे माही की। चुन लेंगे फूलों को, तेरी महक घुली जिनमें, फिर बन जोगी तेरा, तेरे नाम की माला...
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PREETI BARTHWAL
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[25 Apr 2009 08:18 AM]



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