LOVE STORY # 461: नदियों के बीच दूरियां थी, बहाव के बीच नहीं

अखाड़े का उदास मुगदर उसी मित्र की एक और कहानी) उनके छोटे से शहर से डेन्यूब नदी बहती थी. वे दोनों डेन्यूब के किनारे ही पले-बढ़े थे. इसी नदी के किनारे वे सपनों और सच से परिचित हुए थे. किसी भी प्रेमी जोड़े की तरह उन्हें नदी अच्छी लगती थी. उन्हें कोई भी नदी अच्छी लग सकती थी... [पूरी पोस्ट]
writer आस्तीन का अजगर
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[25 Apr 2009 03:09 AM]

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