प्रबंधन के दौर में साहित्य
निरंजन श्रोत्रिय यह प्रबन्धन का दौर है बन्धु! इक्कीसवीं सदी में उत्तर आधुनिकता की खाल ओढ़े, बाज़ार-संस्कृति की हवा में सांस लेता चकाचक `मेनेजमेंट इरा´! यहाँ मसलों को हल नहीं `मैनेज´ किया जाता है। जो जितना कुशल मैनेजर है वह इस `महान्´ युग में उतना ही स...
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योगेंद्र कृष्णा Yogendra Krishna
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[24 Apr 2009 11:30 AM]



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