LOVE STORY # 462: उसके अरमान थे, कुछ मजबूरियां भी थीं, फिर वह सपने देखने लगी, जिन्हें टूटना ही था

अखाड़े का उदास मुगदर उसी मित्र की भेजी गई एक और कहानी) वह बहुत ख़ूबसूरत नहीं थी. दोहरा बदन था पर आकर्षक होने के सारे तत्व मौजूद थे. उसे शहर में बहुत से लोग जानते थे. क्यों जानते थे यह बहुत रहस्य की बात नहीं थी. ठीक उसी तरह जिस तरह वासवदत्ता और वसंतसेना की ख्याति रहस्य की... [पूरी पोस्ट]
writer आस्तीन का अजगर
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[23 Apr 2009 03:09 AM]

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