सच्चाई और सपने

क्या करूँ मुझे लिखना नहीं आता... एक दिन सपने और सच्चाई मे अलग सा ही संवाद हुआ, कौन है किस से बेहतर, इस बात को लेकर विवाद हुआ, कहा सच्चाई ने कि तुम तो एक धोखा हो, एक दिखावा हो, कुछ सच नहीं तुम मे, तुम बस एक छलावा हो, तुम सबकी खुशियों के रेत के महल बनवाते हो, उन को पल भर की झूठी तस्सल... [पूरी पोस्ट]
writer Gurnam Singh Sodhi
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[23 Apr 2009 02:35 AM]

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