"लौट आयीं हैं फिर यादें"

लौट आई हैं फिर यादें सुबह की उजालों सी, उन्मुक्त सी बीतें हुए ख्यालों सी अन्जानी सी, मतवाली सी सुखद भरी अहसासों सी, लौट आई हैं फिर यादें सुबह की उजालों सी, बचपन की हैं कुछ मीठीं यादें भोली सी हैं नटखट यादें बच्चे थें हम अब ये यादें हैं लड़तें थे हम य... [पूरी पोस्ट]
writer Lokendra
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[14 Nov 2008 09:33 AM]

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