"इक और सुबह आई"

आज फिर दोस्ती के दिन की वो सुनहरी सुबह आ गई शांत सी जिंदगी में कमी का अहसास दिला गई हम न थे कभी तनहा फिर भी तनहाई महसूस करा गई खुशियों में थोडी सी कमी का अहसास दिला गई जिंदगी तो खुशनसीब है की दोस्ती साथ निभा गई देखों आज फिर वो सुनहरी सुबह आ गई वादा थ... [पूरी पोस्ट]
writer Lokendra
views
10
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
0
[10 Nov 2008 07:10 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix