"मीत बना मै घूम रहा हूँ"

मीत बना मै घूम रहा हूँ साथ लिए वीरानी को, यादों का अवरोध लगाकर बस यह आस लगता हूँ !! काश कहीं मिल जातें अपने मिल जाता फिर उनका साथ, संग होते सब मित्र हमारे साथ लिये सर्मध्दि को, मुझे दूरी का हे मित्रों कष्ट नहीं कुछ भी होता, मिलेंगी हमकों मंजिल इकदिन... [पूरी पोस्ट]
writer Lokendra
views
8
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
0
[10 Nov 2008 07:57 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix