भरि माथ सिन्दूर

कतेक रास बात पाठक लोकनि कृपया एहि कहानी’क कोनो नीक शीर्षक बताओल जाए. एखुनका शीर्षक "चीप" लागि रहल अछि. गार्गी आई समय सँ पहिने उठि गेल छलीह, मुदा भोर’क दैनिक काज एखनो धरि खतम नहि भेल छलन्हि. राति सँ एक्के सोच मे बाझल छलीह. चारि दिन सँ प्रभाकर केँ ओ बस मे देखि रहल... [पूरी पोस्ट]
writer सम्पादक: कतेक रास बात
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[20 Apr 2009 12:22 PM]

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