श्रृद्धांजलि
न होना नईम का भारतेन्दु मिश्र गीत नवगीत की समकालीन काव्य धारा के प्रमुख कवि नईम नही रहे। जैसा कि उनके गीत की निम्न पंक्तियों में ध्वनित होता है- काशी साधे नही सध रही, चलो कबीरा मगहर साधें सौदा सुलुफ कर लिया हो तो, चलकर अपनी गठरी बाँधें । अपनी गठरी हर...
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भारतेंदु मिश्र
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[19 Apr 2009 23:02 PM]



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