जनजातीय गहनों के आगे फ़ीकी सोने की चमक
आभूषण हमेशा से ही स्त्री की कमज़ोरी माने जाते हैं । फ़िर चाहे वो सम्पन्न परिवार से ताल्लुक रखे या प्रकृति की गोद में जीवन गुज़ारने वाली काननबाला ही क्यों ना हो । हालाँकि कवियों , साहित्यकारों और कलाकारों की निगाह में गहने कभी कीमती नहीं रहे । गुणों और आ...
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sareetha
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[17 Apr 2009 08:23 AM]



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