वासंती फूलों से झरता तुम्हारा मधुर हास्य

आरोही जब किसी से प्रेम होता हैं तो हर कहीं वही दिखाई देने लगता हैं , सृष्टि की हर सुंदर वस्तु में उसका ही रूप दीखता हैं , वह अगर साथ न भी हो फ़िर भी वह हमारे साथ हैं , ऐसा ही लगता हैं न ! प्रेम संसार की सबसे पवित्र भावना हैं और यह यही प्रेम जब प्रेममय , प्र... [पूरी पोस्ट]
writer राधिका उमडे़कर बुधकर
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[17 Apr 2009 05:12 AM]

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