ना भूलनेवाली बात-४

sanjay टि्रंग, टि्रंग। मोबाइल की घंटी अचानक बज उठी। कौन हो सकता है। अखबार में छपे इश्तहार को पढ़ते हुए मैंने फोन उठाया। मिस्टर संजय-उधर से आवाज आयी। हां, बोल रहा हूं, आप कौन, मैंने सवाल किया। जी, मैं अरोड़ा बोल रहा हूं, परफेक्ट ट्यूशन ब्यूरो से। हां, हां बोलि... [पूरी पोस्ट]
writer sanjay
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[16 Apr 2009 06:54 AM]

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