तुम गये कुछ दूर

संदेशा तुम गये कुछ दूर मन उदास सा हो गया , याद करना याद आना बस ख्वाब सा हो गया , रोज कहते थे चला जाऊ जाउगा एक दिन, यू छोडके के जाना अजीब सा हो गया , न आते लोट के तो हम मन को बहला , लेते कि समीर अब किसी ओर देश का हो गया , याद मे आसूं बहाता मे कहा रह पाता हूं... [पूरी पोस्ट]
writer संजय तिवारी ’संजू’
views
14
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
6
[16 Apr 2009 03:45 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix