नहि सोभैय’ रँगदारी,
कवि- दयाकान्त मिश्र अहाँ विदेहक छी सन्तान, राखू याज्ञवल्यक शान, नहि बिसरु मन्डन अयाची, वचस्पति विद्यापति केर नाम, गौरव गाथा सँ पूर्ण धरा पर, नहि करु एकरा सँग गद्दारी, नहि सोभैय्य रँगदारी । हमर ज्ञान सँस्कृतिक चर्चा, हई छल जग मे सदिखन, छल शिक्षा’क केन...
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सम्पादक: कतेक रास बात
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[15 Apr 2009 11:47 AM]



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