गर्भभार

Beyond The Second Sex (स्त्रीविमर्श) एकालापगर्भभारसँभलकर, बहुरिया,त्रिशला देवी के सोलहों सपनों का सचतेरे गर्भ में है.नहीं,दिव्यता का आलोककेवल तीर्थंकरों की माताओं के हीआनन पर नहीं विराजता ;हर बेटी, हर बहूजब गर्भ भार वहन करती हैउतनी ही आलोकित होती है.हिरण्यगर्भ हैहर स्त्री.उसके भीतर प्रक... [पूरी पोस्ट]
writer कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee
views
32
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
5
[15 Apr 2009 09:25 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix