"तेरे प्यार का दीप..."
जल रहा है तेरे प्यार का दीप मेरे दिल में, परवाह नहीं चाहे आज शमा जले ना जले, मिल रही है रोशनी तेरे प्यार की रंगीनियों में, परवाह नहीं चाहे आज उजाला रहे ना रहे, हमें ढल जाने को आज अपने अंग-अंग में, डूब जाने दो आज हमें अपनी प्यासी निगाहों में, मिलने दो...
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दिल का दर्द
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[15 Apr 2009 03:17 AM]



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