ताना-बाना
यूँ कहें कि जब कुछ घट रहा होता है तो वो सच होता है ,लेकिन कितना ..उस घटने के बाद ही पता चलता है चीजें और वक्त अपनी अर्थवत्ता साबित करती हें,और कभी कभी दलीलें कारगर नही होती ...उसने कैसे -कैसे बहाने किए अपने आप से ..तब एक अलग ढंग से पसरे सन्नाटे ने धू...
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Vidhu
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[14 Apr 2009 09:08 AM]



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