jamdagani ki dharti
तो क्या ये वाकई मुसलमानों का भला चाहते हैं! एक बार फिर देश की सबसे बड़ी पंचायत के लिए चुनाव का समय आ गया है। फिर से राजनीतिक दल घिसे-पिटे मुद्दों और जनता को बरगलाने के लिए अपने घोषणापत्र के साथ इस महासमर में हाजिर हैं। गरीब जनता को कोई दो रुपये किलो च...
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shailesh kumar vijay
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[13 Apr 2009 12:55 PM]



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