"वक़्त की लाचारी"

कुछ लम्हे वक़्त की लाचारी" हाँ वो लाचार वक़्त हूँ मैं छटपटाता हुआ बदहवास सा ठहरा हूँ मै तब से दो दिलो के वादों का साक्ष्य बना था जब से व्याकुल हो विरह में अश्कों में डुबे सिसकते एक दिल न कहा था " जब अंत समय आये और ये सांसे बोझ बन जाये एक बार मुझसे कह देना मै भ... [पूरी पोस्ट]
writer seema gupta
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[12 Apr 2009 22:20 PM]

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