आखिर कौन कहो तुम मेरे

गीतकार की कलम सुनो जरा सा समय मिले तो इतना मुझे बता जाना तुम क्या कह कर मैं तुम्हें पुकारूँ , आखिर कौन कहो तुम मेरे तुम हो सखा ? निमिष के परिचित ? या राहों के सहचर कोई क्यो आकर के स्वप्न तुम्हारे डाल रहे नयनों में डेरे मेरे दिवस निशा के गतिक्रम, उलझ गये हैं क्यों... [पूरी पोस्ट]
writer Geetkaar
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[11 Apr 2009 17:06 PM]

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