ऎई , आज फिर निट्ठल्ले पर हो क्या ?
शिवभाई का मेसेज़ आया.. यदि मैंनें कुछ लिखा नहीं, तो वह कवितायें लिख लिख कर ब्लागजगत में तबाही मचा देंगे ! सो, मैं सनद्ध हुआ, कि यह यंत्रणा मेरे को ही झेल लेने दो, भाई ! नीलक्ण्ठ बन जा ब्लागर अमर कुमार ! कविता ही तो लिखना है.. कुछ लिख मार,...
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डा० अमर कुमार
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[11 Apr 2009 16:27 PM]



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