एक जूते का करिश्मा,लोकतंत्र में अद्भुत नजारा
पहले एक कहावत थी की एक तीर से दो शिकार परन्तु अब ये लोकोक्ति बदलनी पड़ेगी और कहा जायेगा की एक जूते से दो शिकार ,यानी के पहले तो श्रीमान जगदीश टाइटलर जी का ही टिकिट काटना था परन्तु अब तो श्रीमान सज्जनकुमार जी को भी टिकिट काटकर हाथ में थमा दिया ,आख़िर ऐ...
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K.P.Chauhan
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[10 Apr 2009 15:30 PM]



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