जनता करे काम, नेता खाएँ आम.......

नुक्ताचीनी भोपाल की बड़ी झील में श्रमदान का नाटक अब शर्मदान अभियान में तब्दील हो चुका है । झील का पानी सूखने के साथ ही नेताओं की आँखों का पानी भी सूखने लगा है । कल तक खुद को जनता का सेवक और पब्लिक को भगवान बताने वाले मुख्यमंत्री के तेवर भी बदलने लगे हैं । नाकारा... [पूरी पोस्ट]
writer sareetha
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[10 Apr 2009 10:12 AM]

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