छोकरा कविताएं और उनका छुकरपना
मेरी ये कविताएं 1982-83 के आसपास की हैं। तब मेरी योजना थी कि छोकरा शीर्षक से कुछ नहीं तो दस-बारह कविताएं लिखूंगा। पर बात तीन से आगे नहीं बढ़ी। सबसे पहले इन कविताओं को 1984 में चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कैम्पस से निकलने वाली एक सायक्लोस्टाइल पत्रिक...
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राजेश उत्साही
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[10 Apr 2009 06:50 AM]



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