टुन-टुन

आत्मदर्पण साथियों याद करिए अपने अपने गाँव मैं फरबुरी का महिना, जब आता था टुन-टुन बजाते कुल्फी वाला फरवरी माह के आते-आते पत्ते झड़ने शुरू हो जाते थे पेड़ों से ऐसे में दोपहर में आता था टुन-टुन घंटी बजाते कुल्फी वाला ये होती थी सेक्रीन वाली कुल्फी सब कहते थे कि नमक... [पूरी पोस्ट]
writer प्रशांत दुबे
views
23
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
2
[09 Apr 2009 04:55 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix