नीली छांह...

श्री कृष्णम् समर्पयामी नीली स्याही... नीला कागज... नीला बादल... नीला दु:ख... नीली आंखों वाली की हर याद बहुत नीली है... नीला सरगम... नीला पंचम... नीली बातें... नीला चुप... नीले-नीले जीवन की हर सांस बहुत नीली है... लिख-लिख कर कागज पर सपने, आग लगाए हाथों से... जलते नीले सपनों... [पूरी पोस्ट]
writer देवेश वशिष्ठ ' खबरी '
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[08 Apr 2009 18:09 PM]

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