गजल -- दिन निकले भी जब उसको सोया ही देखा है --वीनस केसरी

आते हुए लोग दिन निकले भी जब उसको सोया ही देखा है तुमने सिक्‍के को केवल आधा ही देखा है तुम कैसे कह सकते हो वो कैसा है लिखता तुमने तो अब तक केवल मतला ही देखा है जाने कैसा हुस्‍न छिपा था आखिर चिलमन में हमने तो जब भी देखा बुरका ही देखा है वीनस ऊंचाई को छू कर सच ये म... [पूरी पोस्ट]
writer venus kesari
views
21
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
5
[08 Apr 2009 15:19 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix