हर गरीब की अपनी हो पहचान : प्रभाष जोशी
इलाहाबाद। रोजी, रोटी और मकान अपनी हो पुख्ता पहचान। यही वह नारा था जो शहरी गरीबों के घोषणा पत्र पर अंकित था। शनिवार को शहरी गरीबों के इस नारे से सभागृह गूंज उठा। मौका था लोक सभा चुनाव पर शहरी गरीब संघर्ष मोर्चा द्वारा तैयार घोषणा पत्र का। घोषणा पत्र क...
[पूरी पोस्ट]
उमाशंकर मिश्र
21
1
0
1
1
[08 Apr 2009 08:23 AM]



Shuffle








