कहानी...सबकी..

कहानी...सबकी.. ज़रा सोचिये, ज़रा जूता तो खोलिए... सोचिये क्या होगा जब आपको कहा जाएगा कि आप कृपया जूता उतारकर प्रेस कांफ्रेंस में जायें। मैं तो धार्मिक बातों में टांग नही अडाता लेकिन मुझे दुःख है कि आने वाले दिनों में हम पत्रकार जूता पहनकर पत्रकार सभा में नही जा सके... [पूरी पोस्ट]
writer सबकी कहानी
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[08 Apr 2009 02:31 AM]

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