दम-ए-दुश्वार या दिमागी दिवालियापन
दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा भारत के गृहमंत्री को जूता मारना क्या वाकई "साहस अथवा बहादुरीं" का काम है या फिर दिमागी दिवालियापन की अंतिम निशानी। सीबीआई द्वारा 1984 के सिख दंगों में कांग्रेसी टाइटलर को क्ली न चिट देने से आहत इस सिख पत्रकार ने य...
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संदीप शर्मा
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[07 Apr 2009 15:44 PM]



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