गहरे-हल्के,कितने सदमे

naturica अपने सबसे अच्छे नगमे, तेरे लिए मैंने लिखे ।आँख के पानी पे सपने, तेरे लिए मैंने लिखे ।रात दिन मेरे साथ चलने की ना जिद कर जिंदगीराहे -वफ़ा के आईने , तेरे लिए मैंने लिखे ।उसे फ़िक्र हो मेरी यूँ न था,लेकिन मुझे कहता रहागहरे-हल्के,कितने सदमे तेरे लिए मैंने... [पूरी पोस्ट]
writer naturica
views
20
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
5
[07 Apr 2009 11:31 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix