क्योकि जिंदगी इतनी भी छोटी नही

आरोही सिर्फ़ दो दिन पहले हमारे घर एक महिला आई ,हमें कल शाम के भोजन का आमंत्रण देने ,कल शाम पता चला वो नही रही ....... कितना छोटा अंतर हैं "वो नही हैं और नही रही "में । लेकिन यही अंतर संपूर्ण जीवन का परिदृश्य बदल देता हैं और शायद यही अंतर हमें जीना सिखाता ह... [पूरी पोस्ट]
writer राधिका उमडे़कर बुधकर
views
26
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
7
[07 Apr 2009 02:14 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix