क्योकि जिंदगी इतनी भी छोटी नही
सिर्फ़ दो दिन पहले हमारे घर एक महिला आई ,हमें कल शाम के भोजन का आमंत्रण देने ,कल शाम पता चला वो नही रही ....... कितना छोटा अंतर हैं "वो नही हैं और नही रही "में । लेकिन यही अंतर संपूर्ण जीवन का परिदृश्य बदल देता हैं और शायद यही अंतर हमें जीना सिखाता ह...
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राधिका उमडे़कर बुधकर
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[07 Apr 2009 02:14 AM]



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