चेहरों पर चेहरे लगाते है लोग
चेहरों पर चेहरे लगाते है लोग हस कर गम को छिपाते है लोग मिलने - जुलने वालो की भीड़ में कुछ ही साथ निभाते है लोग सुकून देते है जो साथ रह कर जाने पर कसक दे जाते है लोग जिक्र जब होता है बीते लम्हों का याद बहुत आते है लोग ग़ज़ल में ढाली है हकीकत ' सर ' ने...
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Rahul kundra
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[06 Apr 2009 05:26 AM]



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