प्रिय.......तुम मन को छू लो।
प्रिय, तुम मन को छू लो, मैं अंतर्मन को छू लूंगी, पास तुम्हारे जितनी दुनिया, रंग खुशियों के भर दूंगी। पंख लगे हर सपने में, जब आभास तेरा, बने पंख मेरे, चुन लूं हर वो तारा जिसपे, गुदे हुए हैं नाम तेरे। सोज़ तुम्ही मेरा, साज़ भी तुम हो, मेरे दिल की हर बा...
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PREETI BARTHWAL
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[04 Apr 2009 20:36 PM]



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