ख़ामोशी के उस पार : विदेश

आवारा हूँ ... मूलत: तहलका समाचार के फ़िल्म समीक्षा खंड ’पिक्चर हॉल’ में प्रकाशित ********** दीपा मेहता की ’विदेश’ परेशान करती है, बेचैन करती है. यह देखने वाले के लिए एक मुश्किल अनुभव है. कई जगहों पर यंत्रणादायक. इतना असहनीय कि आसान रास्ता है इसे एक ’बे-सिर-पैर’ की... [पूरी पोस्ट]
writer admin
views
66
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
1
[03 Apr 2009 18:27 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix