पुस्तक समीक्षा
इतिहास और निजता का संसार उमेश चतुर्वेदी इंटरनेट ने चिट्ठियों के संसार पर विराम लगा दिया..रही-सही कसर फोन और मोबाइल फोन ने पूरी कर दी। किसी का हालचाल जानना है तो पंडोरा बॉक्स काफी है। बीएसएनएल की मोबाइल फोन सेवा का उद्घाटन करते वक्त तब के प्रधानमंत्री...
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उमेश चतुर्वेदी
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[02 Apr 2009 12:40 PM]



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