माता तेरे रुप हजार तू ही करती बेङा पार......
तू ही अम्बे तू जगदम्बे, माता तेरे रुप हजार, तू ही काली तू ही दुर्गे, तू ही करती बेङा पार। तेरे दर्शन के अभिलाषी, आंखे दर्शन के बिन प्यासी, प्यास बुझादे अबकी बार, माता तेरे रुप हजार, तू ही करती बेङा पार। तुम हो वैष्णों पहाङा वाली, मां, तुम सब भक्तों क...
[पूरी पोस्ट]
PREETI BARTHWAL
41
6
0
6
16
[01 Apr 2009 20:48 PM]



Shuffle








