तुम मुझे मसीहा कर दो
कविता जनमानस की वाणी बन जाये तो उसका रचयिता जनकवि की उपाधि से स्वमेव सम्मानित हो जाता है । राजेन्द्र अनुरागी एक ऎसे ही जाने-पहचाने हस्ताक्षर रहे हैं । समाज उन्हें अलंकरणों और उपाधियों से विभूषित करता रहा ,मगर वे अपनी फ़क्कड़ अलमस्ती में ओज,श्रॄंगार और...
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sareetha
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[31 Mar 2009 12:39 PM]



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