तुम मिली और बिछड़ गई मिलकर....
मार्च 09 तुम मिली थी तो मैनें सोचा था, मैं बहारों के गीत गाऊंगा दिल शिकस्ता सही मगर फिर भी आंसुओं की हंसी उड़ाउंगा... तुम मिली थी तो मैनें सोचा था मैं फिजाओं में रंग भर दूंगा अपने चेहरे पर बिखरी फिक्रों को मुस्कुराहट में दफ्न कर दूंगा... तुम मिली थी...
[पूरी पोस्ट]
अनिल कुमार वर्मा
21
1
0
1
4
[31 Mar 2009 12:10 PM]



Shuffle








