एक उम्मीद हमें भी
मीडिया को चैथी दुनिया और इसके क्रिया-कलाप को पूर्णतः प्रोफेशनल करार देते हुए श्री नीलेश द्विवेदी ने इस दुनिया के पत्रकारों के कुछ नाजायज उम्मीदों का व्यंग्य रूपांतरण किया है। वर्तमान में मीडियाकर्मियों के लिए यह लेख वाकई में आईना दिखाने वाला है। 'एक...
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Editorial Plus
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[31 Mar 2009 05:02 AM]



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