आता है रफ़्त: रफ़्त: ......................(बवाल)
मकीं जो होते हैं आ के दिल में, उन्हीं से होता है दिल-शिकस्त: ये वो हक़ीक़त है जिसपे सबको, यक़ीन आता है रफ़्त: रफ़्त: मकीं = रहने वाले , शिकस्त: = टूटता...
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[31 Mar 2009 01:57 AM]



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