अर्थ शुद्धि के लिए दान आवश्यक है

धर्म यात्रा स्वर्गारोहण के समय यक्ष ने धर्मराज युधिष्ठिर से प्रश्न किया- मृत्यु के समय सब यहीं छूट जाता है, सगे-संबंधी, मित्र कोई साथ नहीं दे पाते, तब उसका साथी कौन होता है, कौन उसका साथ देता है? युधिष्ठिर ने कहा- मृत्यु प्राप्त करने वाले का मित्र दान है, वही उस... [पूरी पोस्ट]
writer Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"
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[30 Mar 2009 10:22 AM]

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