भोजपुरी गजल
एक जिंदगी सहकल रहे मन तनी बहकल रहे तन-बदन के के कहो सांस ले दहकल रहे मन के वन में आग-जस जाने का लहकल रहे चांद के आगोश में चांदनी टहकल रहे रात रानी रात-भर प्यार से महकल रहे दो छन में कुछ अउर कुछ भइल छन में मन में कुछ अउर कुछ भइल तन में फूल सेमर के दि...
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ashabd
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[26 Mar 2009 15:48 PM]



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