मायूस हो तेरी महफिल से कोई फ़िर गया

duniyakalamkinazarse मायूस हो तेरी महफिल से कोई फ़िर गया रात के आँचल से एक सितारा झर गया एक लम्हे के लिए उमर भर बैठा रहा और फ़िर वो शख्स न जाने किधर गया तमाम रास्ते दौड़ता अकेला कम्बखत दरिया पहाड़ छोड़ सीधा समंदर गया चोगान में आग बुझाये बैठा है काफिला रास्ता जिसका सेहरा की... [पूरी पोस्ट]
writer Rahul kundra
views
21
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
1
[26 Mar 2009 06:59 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix