युगल की लघुकथा' जूते

ज्ञानसिंधु जूते 0 युगल चैतू राजमिस्त्री के साथ का काम करता था । एक दिन सिर पर से ईंट उतारते समय एक ईंट पाँव पर आ गिरी । उँगलियॉ कुचल गई । पत्नि बोली - पाँव मे जूते होते तो उँगलियों नहीं कुचलती ।'' चैतू ने उँगलियॉ में उठती बिच्छु के डंक के समान टीस को दाँत पर दा... [पूरी पोस्ट]
writer भगीरथ
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[26 Mar 2009 00:52 AM]

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