अजनबी ...!
फिर उसके बाद किसी बंजर रिश्ते के हमदो सिरे रह गए....तुम ले चलेमुझमें से हर मुमकिन शै ,और मैं साये को उठा लायाएक आदमी वहीँ छोड़ कर ।आज लेकिन शबे तन्हाई मेंदौड़ा आया है वही आदमीदूर कहीं से ....उसी रिश्ते का रेज़ा-रेज़ा,मरते ताल्लुक के आखरी लम्हे लेकर ।अबके...
[पूरी पोस्ट]
naturica
25
1
0
1
3
[25 Mar 2009 11:06 AM]



Shuffle








