जिंदा लबो पे ये ताले कैसे
जिंदा लबो पे ये ताले कैसे ये जलसा गुंगो के हवाले कैसे चोटी तक पहुचा ज़हर तो एहसास हुआ ये साँप आस्तीन में हमने पाले कैसे घर से नही निकले जो लोग अभी तलक ताज्जुब है उनके पैरो में छाले कैसे जूते और टोपी में ताल्लुक ठीक नही कोई शख्स इरादों को संभाले कैसे...
[पूरी पोस्ट]
Rahul kundra
21
0
0
0
3
[25 Mar 2009 05:54 AM]



Shuffle








