अहसास-एक ग़ज़ल
मार्च ५,२००९ को यहाँ एक मुशायरा हुआ था जिसमें तमाम यू.ऐ.ई से शायर आमंत्रित थे. इस मुशायरे में पाकिस्तान और हिंदुस्तान के शायरों ने अपनी रचनाएँ पढीं. मुझे भी इस मंच से पढने का मौका मिला. जो ग़ज़ल मैंने वहां पढ़ी थी..आप के समक्ष प्रस्तुत है. अहसास -----...
[पूरी पोस्ट]
अल्पना वर्मा
79
16
0
16
25
[24 Mar 2009 06:32 AM]



Shuffle








