दर्द की स्याही से लिखा ये मेरा नसीब था

duniyakalamkinazarse दर्द की स्याही से लिखा ये मेरा नसीब था बिक गई मेरी मोहब्बत में गरीब था पल भर को तो हम भी न संभल पाए थे गुजरा ही वो हादसा हम पर अजीब था तमाम उमर जिंदगी समझ जिसे चाहा वो आखिरी सफर में भी न मेरे करीब था खुशिया बाट्ता रहा में सबसे जिंदगी की अब गम के अंधे... [पूरी पोस्ट]
writer Rahul kundra
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[24 Mar 2009 06:27 AM]

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